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आरोपियों के नाम पता चले, गिरफ्त से दूर
उज्जैन। भूखी माता के पास की गई युवक की हत्या के मामले में मंगलवार दोपहर तक हत्यारों का पता नहीं चल सका। हालांकि उनके नाम पुलिस को पता चल गए हैं। महाकाल पुलिस ने एक आरोपी के परिजनों को हिरासत में लिया है। वारदात लेन-देन को लेकर हुई है।
सर्वविदित है कि सोमवार शाम शिप्रा रपट पर बहादुरगंज निवासी मोनू ठाकुर (26) की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस को चार बदमाशों द्वारा वारदात कर बाइक से फरार होने का पता चला लेकिन उनकी पहचान पता नहीं चली थी।
इधर मृतक मोनू के परिजनों ने ब्राह्मण गली निवासी कोतवाली के आदतन बदमाश सोनू टूईय्या पर शंका जताई है। इस आधार पर पुलिस ने टूईय्या को खोजा वह हाथ नहीं आ सका। दोपहर में पुलिस को पता चला वारदात में टूईय्या के साथ अंकित, गोलू, पंकज शामिल थे।
धमकाने पर की हत्या
सूत्रों के अनुसार मोनू ने टूईय्या को उधार रुपए दे रखे थे। वसूली के लिए वह हाल ही में टूईय्या के परिजनों को धमकाकर आया था। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। कल मोनू भूखी माता मंदिर पर दोस्त की जन्मदिन पार्टी में गया था। यहां मौका मिलने पर टूईय्या और उसके साथी ने उसे मार डाला। हालांकि पुलिस मामले में अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।
सूचनाकर्ता बोला मैं फरियादी नहीं
जयसिंहपुरा स्थित बलाई मोहल्ला निवासी शेखर पिता बद्रीलाल चौहान (20)ने बताया कि घटना के समय परिवार के साथ भूखीमाता मंदिर पर पूजा कर रहे था। इसी दौरान चीख सूनकर परिवार मंदिर से बाहर आया तो एक युवक खून से लथपथ दिखाई दिया और चार युवक भागते नजर आए।
तुरंत ही डायल 100 पर कॉल कर दिया। वह ज्यादा शिक्षित नहीं है इसलिए पुलिस वालों ने उससे एक कागज पर साइन करने का कहां तो उसने करवा दिए। उसने इस केस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। मामले में जारी पुलिस रिपोर्ट शेखर को फरियादी बताया गया है। हालांकि मामले में कानून विशेषज्ञ इसे बड़ी गलती नहीं मान रहे हैं। जरूरी नहीं की फरियादी के बयान का फायदा आरोपी को मिले। वर्तमान में सांइटिफिक एविडेंस ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। पुलिस ने संभवत: प्रथम सूचना के आधार पर कायमी की होगी।